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US द्वारा ‘वॉन्टेड’ राष्ट्रपति ने अपने विपक्षी नेताओं को ‘गांधी’ की ये बात कह किया माफ

वेनेजुएला:  राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro ) ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नायक महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को याद किया. ऐसा उन्‍होंने 100 से अधिक विपक्षी सांसदों और विपक्षी नेता जुआन गुआइडो (Juan Guaido) के सहयोगियों को माफी देने के दौरान किया. इस दौरान मादुरो ने कहा कि क्षमा शांति की ओर ले जाती है. 

माफी की यह घोषणा, दिसंबर के चुनावों से पहले ‘सुलह’ और ‘संवाद’ करने के लिए की जा रही पेशकश के दावा करने के एक दिन बाद आई है. 

इसके तहत मादुरो के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाने वाले विपक्ष के 20 से अधिक विधायकों को दिसंबर में संसदीय चुनावों को देखते हुए माफ किया गया.

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राष्ट्रपति के फैसले के जरिए माफी पाने वालों में विधायक फ्रेडी ग्वेरा भी शामिल हैं, जिन्होंने चिली के राजनयिक निवास में शरण मांगी थी. साथ ही रॉबर्टो मारेरो भी है जिन्होंने विपक्षी नेता और कांग्रेस प्रमुख जुआन गुआइडो के लिए चीफ ऑफ स्‍टॉफ के तौर पर सेवाएं दीं थीं.

इन सभी लोगों ने 2019 में एक असफल विद्रोह में भाग लिया था, जिसने मादुरो से अपना समर्थन हटाने के लिए सेना को मनाने की कोशिश की थी लेकिन वे शीर्ष कमांडरों को राजी करने में विफल रहे. इसके बाद इन लोगों में से कुछ को जेल में डाल दिया गया है, जबकि अन्य ने या तो राजनयिक शरण मांगी है या वे निर्वासन में हैं.

विपक्षी नेताओं का कहना है कि मादुरो का 2018 री-इलेक्‍शन छलपूर्ण था और उन्होंने गुआइडो को वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी है. संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 50 से अधिक अन्य देशों ने इसे लेकर मुकदमा किया है. 

अमेरिका ने खारिज की माफी  

संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को मादुरो की क्षमा को ‘टोकन’ उपाय कहते हुए मूर्ख न बनाने की चेतावनी दी है.

अमेरिकी विदेश विभाग में वेस्‍टर्न हेमिस्‍फेयर डिवीजन के असिस्‍टेंट सेक्रेटरी माइकल कोजाक ने ट्वीट किया, ‘न तो वेनेजुएला के लोगों और न ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इन टोकन और पारदर्शी कृत्यों से मूर्ख बनाया जाए.’  

कोजक ने जोर देकर कहा, ‘यह मत भूलो कि मादुरो ने राजनीतिक कैदियों में से 100 को मनमाने ढंग से बंदी बनाया हुआ है.’

Maduro’s latest ploy to make upcoming elections appear “free and fair” is to conditionally release some political prisoners unjustly jailed in the first place.

Political prisoners aren’t free when subject to harassment and coerced to provide cover for a farcical election.

— Michael G. Kozak (@WHAAsstSecty) September 1, 2020

वहीं गुआइडो और प्रमुख विपक्षी नेताओं ने पहले ही पारदर्शिता की कमी के चलते  चुनावों का बहिष्कार करने की कसम खाई है.

बता दें कि जनवरी 2019 में नेशनल असेंबली के स्पीकर गुआइडो ने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करके मादुरो के अधिकार को चुनौती दी थी. इतना ही नहीं उन्‍होंने संयुक्त राज्य अमेरिका समेत 50 से अधिक देशों का समर्थन भी प्राप्त कर लिया था.

वैसे भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुआइडो के दृढ़ समर्थक रहे हैं और ढेर सारे प्रतिबंधों के जरिए वामपंथी मादुरो के शासन पर दबाव बढ़ाए हुए हैं.

वाशिंगटन ने भी मादुरो पर ‘नार्को-आतंकवाद’ का आरोप लगाया है और उस पर $ 15 मिलियन का इनाम रखा है. 

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